पाप, पुण्य, कर्म, अकर्म और विकर्म क्या है?
इस लेख में हमने दो प्रश्नो के उत्तर लिखे है जो की श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान से लिए गए है। यहाँ आप…
इस लेख में हमने दो प्रश्नो के उत्तर लिखे है जो की श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान से लिए गए है। यहाँ आप…
ध्यान दे, मैं स्वयं त्रिदेवों में कोई अंतर नहीं समझता, जो मेरे लिए शिव जी है, वही विष्णु भगवान्, और…
संसार में जन्म लेने वाले सभी मनुष्यों को त्रिविध तापों से गुजरना ही पड़ता है। ये किसी का भी पक्षपात…
यहाँ हम जानेगे की आखिर द्रोणाचार्य ने सिर्फ अर्जुन को ही महान धनुर्धर क्यों बनाया? इसके लिए हम शुरुआत करते…
पिछले तृतीय अध्याय में आपने पढ़ा– नारद के द्वारा भक्ति के कष्ट का निवारण का उपाय श्रीमदभागवत – चौथा अध्याय…
क्या कभी आपके मन में प्रश्न आया है की क्या हर पत्थर में भगवान् होता है? क्या हर पत्थर पूजा…
श्रीमद्भागवत के अष्टम स्कन्ध में गजेन्द्र मोक्ष की कथा, (हाथी और मगरमच्छ) गज और ग्राह की कहानी है । द्वितीय…
जब अर्जुन 12 वर्ष का वनवास भोग रहे थे, उस दौरान उनके 3 विवाह होते हैं. पहला उलूपी जोकि नाग…
अज्ञातवास समाप्त होने के बाद वो सब वापस इन्द्रप्रस्थ लौट आते हैं। इन्द्रप्रस्थ में राज्य पाकर धर्मराज युधिष्ठिर अपने भाइयों…
Story of Holika and Prahlad – श्री नारद जी ने कहा – दैत्यराज हिरणकश्यपु के चार पुत्र थे इनमे प्रह्लाद…