सबसे महान् पुण्य कौन सा है?
पक्षीराज गरुड़जी फिर प्रेम सहित बोले- हे कृपालु! यदि मुझ पर आपका प्रेम है, तो हे नाथ! मुझे अपना सेवक…
पक्षीराज गरुड़जी फिर प्रेम सहित बोले- हे कृपालु! यदि मुझ पर आपका प्रेम है, तो हे नाथ! मुझे अपना सेवक…
मानसिक रोग – पक्षीराज गरुड़जी फिर प्रेम सहित बोले- हे कृपालु! यदि मुझ पर आपका प्रेम है, तो हे नाथ!…
शौनक जी कहते हैँ – महाप्राज्ञ व्यास शिष्य सूत जी ! आपको नमस्कार है | आप धन्य हैं; शिवभक्तो में…
सूत जी कहते हैं- महाप्रज्ञ! महामते! शिव रूप शौनक! अब मैं संक्षेप से रुद्राक्ष का महात्म्य बता रहा हूं सुनो।…
Blog – प्रेम का अर्थ – प्रेम या भक्ति का अर्थ केवल ईश्वर भक्ति से ही नहीं है। मान लीजिये…
अपुत्रोSनेन विधिना सुतां कुर्वीत पुत्रिकाम् । यदपत्यं भवेदस्यां तन् मम स्यात् स्वधाकरम् ॥ ॥१२७॥ अनेन तु विधानेन पुरा चक्रे5 थ…
क्या है सनातन धर्म में मनुष्यों के विभिन्न धर्म (स्मृति धर्म) और रीति-रिवाज, जिन्हे करने मात्र से मोक्ष और मुक्ति…
अगर आप जानना चाहते है कि इस्कॉन परम्परा के लोग और श्रील प्रभुपाद को अपना गुरु मानने वाले सिर्फ “हरे…
राजा जड़भरत की कथा – महापुराण डॉट कॉम पर आपको मिलती है पौराणिक कहानियाँ जिन्हे आप जब चाहे जहाँ चाहे…
Blog – आजकल सनातन धर्म के शत्रु, भक्त और भक्ति शब्द को निन्दित बनाने का प्रयत्न कर रहे है, तो…