भगवान शिव ने काकभुशुण्डि को दिया श्राप जनवरी 14, 2025 By Mahapuran 1 min read हे सर्पों के शत्रु गरुड़ जी! सुनिए, मैं दीन, मलिन (उदास), दरिद्र और दुःखी होकर उज्जैन गया। कुछ काल बीतने पर कुछ संपत्ति पाकर फिर... और पढ़ें