श्रेणी: पुराण
82 पोस्ट मिलीं
यहाँ हम जानेगे की आखिर द्रोणाचार्य ने सिर्फ अर्जुन को ही महान धनुर्धर क्यों बनाया? इसके लिए हम शुरुआत करते है बारी-बारी से उनके शिक्षा-अध्ययन…
पिछले तृतीय अध्याय में आपने पढ़ा– नारद के द्वारा भक्ति के कष्ट का निवारण का उपाय श्रीमदभागवत – चौथा अध्याय – गोकर्णोपख्यान प्रारम्भ सूत जी…
क्या कभी आपके मन में प्रश्न आया है की क्या हर पत्थर में भगवान् होता है? क्या हर पत्थर पूजा जाता है? नहीं ऐसा संभव…
श्रीमद्भागवत के अष्टम स्कन्ध में गजेन्द्र मोक्ष की कथा, (हाथी और मगरमच्छ) गज और ग्राह की कहानी है । द्वितीय अध्याय में ग्राह के साथ…
जब अर्जुन 12 वर्ष का वनवास भोग रहे थे, उस दौरान उनके 3 विवाह होते हैं. पहला उलूपी जोकि नाग कन्या थी. दूसरा चित्रांगदा जोकि…
अज्ञातवास समाप्त होने के बाद वो सब वापस इन्द्रप्रस्थ लौट आते हैं। इन्द्रप्रस्थ में राज्य पाकर धर्मराज युधिष्ठिर अपने भाइयों और द्रोपदी के साथ सुख…
Story of Holika and Prahlad – श्री नारद जी ने कहा – दैत्यराज हिरणकश्यपु के चार पुत्र थे इनमे प्रह्लाद सबसे छोटे पुत्र थे। लेकिन…
ये बात उस समय की जब महाभारत का युद्द समाप्त हो चूका था। युद्ध के बाद युधिष्ठिर और सभी पांडव काफी दुखी थे. उनके राज्य…
कार्तिक मास की षष्ठी तिथि का महात्म्य क्या है? Chhath Puja एक समय व्यास जी के शिष्य महर्षि सुमंतु तथा वशिष्ठ, पराशर, जैमिनी, याज्ञवल्क्य, गौतम,…
बासुदेव बोले- (सूर्य के) नैमित्तिक पूजन को जो विशेषकर सप्तमी तिथि ग्रहण के समय एवं संक्रान्ति के दिनों में हीं किया जाता है संक्षेप में…
Popular Posts
सीस पगा न झगा तन पै (सवैया) – सुदामा चरितजनवरी 10, 2025
श्रीमद् भागवत कथा पुराण का माहात्म्य, नियम व् पूजन विधिजनवरी 13, 2025
श्रीविष्णुसहस्त्रनाम स्तोत्र का फल/माहात्म्य क्या है?जनवरी 15, 2025






