श्रेणी: व्यक्तिगत ब्लॉग
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महान ऋषि अष्टावक्र कौन थे?
कहोद, ऋषि, उद्दालक के शिष्य और दामाद। वे ऋषि अष्टावक्र के पिता थे। उद्दालक का एक पुत्र भी था जिसका नाम “श्वेतकेतु” भी था। वह...
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शिवरात्रि में चार पहर की पूजा क्यों होती है?
शास्त्रों के अनुसार हर महीने एक शिव रात्रि होती है, जैसे कि एकदशी होती है। क्युकी एकादशी के एक दिन बाद त्रयोदशी आती है। और...
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अंगूठे के आकार के 60,000 बालखिल्य ऋषि कौन हैं?
दक्ष तथा क्रिया से उत्पन्न पुत्री ‘सन्नति’ से क्रतु ऋषि ने विवाह रचाया था। इसी दम्पत्ति से साठ हज़ार ‘बालखिल्य’ नाम के पुत्र हुए थे।...
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आसक्ति क्या है? – Attachment
आसक्ति का अर्थ – इच्छाओं की तीव्रता अर्थात विषयो की तीव्र इच्छा ही आसक्ति है। आसक्ति से काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या, द्वेष, घृणा आदि...
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भगवान शालिग्राम और कसाई की कहानी क्या है?
एक सदन नाम का कसाई था। वो भगवान् का बहुत बड़ा भक्त था। जीवन यापन के लिए कार्य करना उसने अपना कर्तव्य समझा। गरीब होने...
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किसी भी अनजान दर पर क्यों नहीं जाना चाहिए?
अगर आप किसी भी समाधि, चमत्कार, दर, चौखट या किसी भी धर्म के धर्म स्थल पर कृपा प्राप्त करने जा रहे है तो मेरी इस...
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अपनी भक्ति को दृढ़ कैसे बनाये ?
अपनी भक्ति को भगवान्, देवी या किसी भी देवता के प्रति भक्ति को दृढ़ बनाने के लिए आप अपने भगवान् के साथ कोई न कोई...
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नारायण कवच मंत्र क्या है? और स्रोत क्या है?
राजा परिक्षित ने पूछा – भगवन् ! देवराज इंद्र ने जिससे सुरक्षित होकर शत्रुओं की चतुरंगिणी सेना को खेल-खेल में अनायास ही जीतकर ब्रिलोकी की...
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भाव, समभाव,अभाव, प्रभाव, कुप्रभाव, भेदभाव, दुर्भाव, दुष्प्रभाव क्या है?
भाव,” “अभाव,” “प्रभाव,” “दुर्भाव,” “समभाव,” “दुष्प्रभाव,” “भेदभाव,” और “कुप्रभाव” हिन्दी शब्द हैं जिनका अर्थ निम्नलिखित है – भाव (expressions) – किसी मनुष्य का किसी अन्य...
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भगवान की प्राप्ति कैसे की जा सकती है?
भगवान की प्राप्ति के लिए गीता में बताए गए तीन रास्तों का मतलब है – कर्म योग, ज्ञान योग और भक्ति योग। कर्म योग –...
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