श्रीभविष्यपुराण के अनुसार कल्कि अवतार की कथा
सूतजी ने कहा – शौनक! म्लेच्छों की विजय होने पर कलि ने उन्हें सम्मानित किया। तदनन्तर सभी दैत्यगण अनेकों जलयानों…
सूतजी ने कहा – शौनक! म्लेच्छों की विजय होने पर कलि ने उन्हें सम्मानित किया। तदनन्तर सभी दैत्यगण अनेकों जलयानों…
क्या है सनातन धर्म में मनुष्यों के विभिन्न धर्म (स्मृति धर्म) और रीति-रिवाज, जिन्हे करने मात्र से मोक्ष और मुक्ति…
भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा – महाराज ! पूर्वकाल में भगवान् विष्णु ने वामन रूप धारण कर दानव राज बलि को…
दीपदान महिमा के प्रसंग में जातिस्मरा रानी ललिता का आख्यान महाराज युधिष्ठिर ने भगवान् श्री कृष्ण से पूछा – भगवन्…
शतानीक ने कहा – मुने ! अब आप मुझे भगवान् गणेश की आराधना के विषय में बतलायें । सुमन्तु मुनि…
चतुर्थी-व्रत एवं गणेश जी की कथा तथा सामुद्रिक शास्त्र का संक्षिप्त परिचय सुमन्तु मुनि ने कहा — राजन् ! तृतीया-कल्प…
राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें।…
भगवान् श्रीकृष्ण युधिष्ठिर से बोले – महाराज ! प्राचीन काल में देवासुर संग्राम में देवताओं द्वारा दानव पराजित हो गये।…
कार्तिक मास की षष्ठी तिथि का महात्म्य क्या है? Chhath Puja एक समय व्यास जी के शिष्य महर्षि सुमंतु तथा…
बासुदेव बोले- (सूर्य के) नैमित्तिक पूजन को जो विशेषकर सप्तमी तिथि ग्रहण के समय एवं संक्रान्ति के दिनों में हीं…