श्रेणी: श्रीमद्भागवत
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भक्ति का दुख दूर करने के लिए नारद जी का उद्योग ( Bhakti ka dukh dur karne ke liye narad ka udyog ) [epcl_box type=”error”]…
[epcl_box type=”success”]श्रीमद्भागवत महापुराण तृतीय अध्याय – श्रीमदभागवत कथा माहात्म्य [/epcl_box] नारद के द्वारा भक्ति के कष्ट की निवृत्ति- नारद जी ने कहा – हे! सनकादिक…
पिछले पेज पर आपने पढ़ा की – आत्मदेव और धुंधली को गोकर्ण और धुंधकारी नाम के दो पुत्र हुए। गोकर्ण सत्कर्म की तरफ और धुंधकारी…
पिछले तृतीय अध्याय में आपने पढ़ा– नारद के द्वारा भक्ति के कष्ट का निवारण का उपाय श्रीमदभागवत – चौथा अध्याय – गोकर्णोपख्यान प्रारम्भ सूत जी…
श्रीमद्भागवत के अष्टम स्कन्ध में गजेन्द्र मोक्ष की कथा, (हाथी और मगरमच्छ) गज और ग्राह की कहानी है । द्वितीय अध्याय में ग्राह के साथ…
Story of Holika and Prahlad – श्री नारद जी ने कहा – दैत्यराज हिरणकश्यपु के चार पुत्र थे इनमे प्रह्लाद सबसे छोटे पुत्र थे। लेकिन…
भगवान् श्री कृष्ण अपने धाम जाने से पहले उद्धव को उपदेश देते है, उसी उपदेश के दौरान इस अवधूतोपाख्यान का भी वर्णन करते है। जो…
वृटासुर के धर्मोपदेश से चकित हुए परीक्षित जी ने शुकदेव जी से पूछा था कि ऐसे भयंकर इन्द्रशत्रु के मुंह से इतनी उच्च ज्ञान और…
यहाँ हम जानेगे की – कलयुग की शुरुआत में कैसे माता भक्ति तो एक युवती के रूप में है, लेकिन उनके पुत्र ज्ञान और वैराग्य…
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