ऋषि वाजश्रवा के पुत्र नचिकेता कौन थे?
उद्दालक/ वाजश्रवस उपनिषद् युग के श्रेष्ठ तत्ववेत्ताओं में मूर्धन्य चिंतक थे। ये गौतम गोत्रीय अरुणि ऋषि के पुत्र थे और…
उद्दालक/ वाजश्रवस उपनिषद् युग के श्रेष्ठ तत्ववेत्ताओं में मूर्धन्य चिंतक थे। ये गौतम गोत्रीय अरुणि ऋषि के पुत्र थे और…
यहाँ हम जानेगे की आखिर द्रोणाचार्य ने सिर्फ अर्जुन को ही महान धनुर्धर क्यों बनाया? इसके लिए हम शुरुआत करते…
पिछले तृतीय अध्याय में आपने पढ़ा– नारद के द्वारा भक्ति के कष्ट का निवारण का उपाय श्रीमदभागवत – चौथा अध्याय…
आपद्धर्म (=आपद्+धर्म) का अर्थ है विवशता या आपातकल में धर्म से हटकर थोड़ा बहुत कार्य करना, जिसे आपदा में धर्म…
जब अर्जुन 12 वर्ष का वनवास भोग रहे थे, उस दौरान उनके 3 विवाह होते हैं. पहला उलूपी जोकि नाग…
आसक्ति का अर्थ – इच्छाओं की तीव्रता अर्थात विषयो की तीव्र इच्छा ही आसक्ति है। आसक्ति से काम, क्रोध, लोभ,…
भाव,” “अभाव,” “प्रभाव,” “दुर्भाव,” “समभाव,” “दुष्प्रभाव,” “भेदभाव,” और “कुप्रभाव” हिन्दी शब्द हैं जिनका अर्थ निम्नलिखित है – भाव (expressions) –…
भगवान की प्राप्ति के लिए गीता में बताए गए तीन रास्तों का मतलब है – कर्म योग, ज्ञान योग और…
मुद्गल, सांडिल्य, पिंगला, भिक्षु, सनक और प्रह्लाद जैसे महान ऋषि भगवान हनुमान के पास पहुंचे, जो विष्णु के महान भक्त…
हनुमान चालीसा के रहस्य को समझने से पहले हमें हनुमान जी को समझना होगा और हनुमान जो को समझने से…