भगवान की प्राप्ति कैसे की जा सकती है?
भगवान की प्राप्ति के लिए गीता में बताए गए तीन रास्तों का मतलब है – कर्म योग, ज्ञान योग और…
भगवान की प्राप्ति के लिए गीता में बताए गए तीन रास्तों का मतलब है – कर्म योग, ज्ञान योग और…
मुद्गल, सांडिल्य, पिंगला, भिक्षु, सनक और प्रह्लाद जैसे महान ऋषि भगवान हनुमान के पास पहुंचे, जो विष्णु के महान भक्त…
हनुमान चालीसा के रहस्य को समझने से पहले हमें हनुमान जी को समझना होगा और हनुमान जो को समझने से…
नारदजी ने पूछा – महादेव ! पक्षवर्धिनी तिथि / पक्षवर्धिनी एकादशी कैसी होती है?, जिसका ब्रत करने से, मनुष्य महान्…
नारद जी बोले–सर्वेश्वर! अब आप विशेष रूप से त्रिस्पृशा नामक ब्रत का वर्णन कीजिये, जिसे सुनकर लोग तत्काल कर्मबन्धन से…
ये पितरगण कौन हैं? कहाँ निवास करते हैं? इनके श्रद्धादि की विधियाँ क्या हैं? ये किसके पुत्र है, और किस…
प्रसाद, भंडारा और लंगर से सम्बंधित कई प्रश्न है यह इस ब्लॉग में हमने उन सभी मुख्य प्रश्नो के उत्तर…
भगवान् श्री कृष्ण अपने धाम जाने से पहले उद्धव को उपदेश देते है, उसी उपदेश के दौरान इस अवधूतोपाख्यान का…
पूर्वकाल में देवताओं और असुरो के साथ संग्राम हुआ, ब्रह्म ने अपनी आज्ञा में चलने वाले और जगत-स्थिति (लोक-मर्यादा) की…
आपके स्वरूप रूपी गारुड़ी (साँप का विष उतारने वाले) के द्वारा भक्तों को सुख देने वाले श्री रघुनाथजी ने मुझे…