रामायण माहात्म्य: रामायण का आध्यात्मिक महत्व क्या है?
काकभुशुण्डि जी गरुड़ जी से कहते हैं कि – जो आपने मुझ से शुकदेवजी, सनकादि और शिवजी के मन को…
काकभुशुण्डि जी गरुड़ जी से कहते हैं कि – जो आपने मुझ से शुकदेवजी, सनकादि और शिवजी के मन को…
पक्षीराज गरुड़जी फिर प्रेम सहित बोले – हे कृपालु! यदि मुझ पर आपका प्रेम है, तो हे नाथ! मुझे अपना…
वाल्मीकि रामायण – सुन्दरकांडम – एकोनत्रिंशः सर्ग (Sarga 29) शुभ शकुन संकेत– जिस समय दुखियारी , हर्ष शून्य, संतप्त और…
श्री सीतारामचंद्राभंयम नमः – एकोनसप्ततितम : सर्ग: भरत को दुःखी देख मित्रो द्वारा प्रसन्न करने का प्रयास, तथा उनके पूछने पर…
इस प्रसंग (माता सीता द्वारा सहस्त्रवदन रावण का वध) का वर्णन अदभुत रामायण में है. ये संस्कृत भाषा में रचित…