लेखक: Mahapuran
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सीता जी को क्या शुभ-शकुन प्राप्त हुए थे?
वाल्मीकि रामायण – सुन्दरकांडम – एकोनत्रिंशः सर्ग (Sarga 29) शुभ शकुन संकेत– जिस समय दुखियारी , हर्ष शून्य, संतप्त और निंदारहित सीता जी मरने की...
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त्रिदेवो में सबसे बड़ा और श्रेष्ठ कौन है?
ध्यान दे, मैं स्वयं त्रिदेवों में कोई अंतर नहीं समझता, जो मेरे लिए शिव जी है, वही विष्णु भगवान्, और दोनों ब्रह्मा भी जी है।...
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भरत के द्वारा स्वप्न में अपशकुन देखना
श्री सीतारामचंद्राभंयम नमः – एकोनसप्ततितम : सर्ग: भरत को दुःखी देख मित्रो द्वारा प्रसन्न करने का प्रयास, तथा उनके पूछने पर अपने देखे हुए भयंकर दुःस्वप्न...
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ऋषि वाजश्रवा के पुत्र नचिकेता कौन थे?
उद्दालक/ वाजश्रवस उपनिषद् युग के श्रेष्ठ तत्ववेत्ताओं में मूर्धन्य चिंतक थे। ये गौतम गोत्रीय अरुणि ऋषि के पुत्र थे और इसीलिए ‘उद्दालक आरुणि’ के नाम...
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त्रिविध ताप क्या है? – Tritaap
संसार में जन्म लेने वाले सभी मनुष्यों को त्रिविध तापों से गुजरना ही पड़ता है। ये किसी का भी पक्षपात नहीं करते और एकसमान रूप...
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पांडवों और कौरवों के शिक्षक/गुरु कौन थे?
यहाँ हम जानेगे की आखिर द्रोणाचार्य ने सिर्फ अर्जुन को ही महान धनुर्धर क्यों बनाया? इसके लिए हम शुरुआत करते है बारी-बारी से उनके शिक्षा-अध्ययन...
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गोकर्ण और धुंधकारी कौन थे? – जानिए इनकी कथा/कहानी
पिछले तृतीय अध्याय में आपने पढ़ा– नारद के द्वारा भक्ति के कष्ट का निवारण का उपाय श्रीमदभागवत – चौथा अध्याय – गोकर्णोपख्यान प्रारम्भ सूत जी...
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उत्तम दान क्या है? – प्रेरणादायक कहानी
प्रेरणादायक कहानी – एक समय की बात है एक ब्राह्मण पर उसकी पत्नी रहते थे| जो सदैव सभी को दान दिया करते थे| उस ब्राह्मण...
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जीवन्मुक्त के रहस्य से अपरिचित (Jivanmukta) – कहानी
एक नगर में निर्धन ब्राह्मण पति-पत्नी रहते थे| ब्राह्मण देव बहुत ही सदाचारी, संतोषी और विद्वान थे परन्तु उनकी पत्नी बड़ी पतिव्रता, तत्वज्ञानी और जीवन्मुक्त...
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आपद्धर्म किसे कहते हैं?
आपद्धर्म (=आपद्+धर्म) का अर्थ है विवशता या आपातकल में धर्म से हटकर थोड़ा बहुत कार्य करना, जिसे आपदा में धर्म से हटकर काम करना ही...
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