लेखक: Mahapuran
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रामायण फलस्तुति: रामायण पढ़ने, सुनने का फल क्या है?
तुलसीदासजी कहते हैं – इस कलिकाल में योग, यज्ञ, जप, तप, व्रत और पूजन आदि कोई दूसरा साधन नहीं है। बस, श्री रामजी का ही...
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रामायण माहात्म्य: रामायण का आध्यात्मिक महत्व क्या है?
काकभुशुण्डि जी गरुड़ जी से कहते हैं कि – जो आपने मुझ से शुकदेवजी, सनकादि और शिवजी के मन को प्रिय लगने वाली अति पवित्र...
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श्रीमदपद्मपुराण के अनुसार देवशयनी एकादशी का माहात्म्य
आषाढ़ मास की कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का माहात्म्य जानने के बाद युधिष्ठिर ने पूछा – भगवन् ! आषाढ़ के शुक्लपक्ष में कौन-सी एकादशी...
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गरुड़ जी और काकभुशुण्डि संवाद – पुण्य, पाप और भक्ति पर 7 दिव्य प्रश्न
पक्षीराज गरुड़जी फिर प्रेम सहित बोले – हे कृपालु! यदि मुझ पर आपका प्रेम है, तो हे नाथ! मुझे अपना सेवक जानकर मेरे सात प्रश्नों...
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निर्जला एकादशी का माहात्म्य – श्रीमद्पद्मपुराण
युधिष्ठिर ने कहा – जनार्दन ! अपरा एकादशी का सारा माहात्य मैंने सुन लिया, अब ज्येष्ठ के शुक्लपक्ष में जो एकादशी हो उसका वर्णन कीजिये।...
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सत चित आनंद – सच्चिदानंद कौन है?
परमात्मा अर्थात परम आत्मा को ही सत चित आनंद (Sat Chit Aanad in Hindi) कहा जाता है। परमात्मा ही सच्चिदानंद है। यहाँ हम सच्चिदानंद का...
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नारद जी ने भक्ति माता का दुःख निर्वत्ति के लिए क्या किया?
भक्ति का दुख दूर करने के लिए नारद जी का उद्योग ( Bhakti ka dukh dur karne ke liye narad ka udyog ) [epcl_box type=”error”]...
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भक्ति और उनके पुत्र ज्ञान और वैराग्य कष्ट कैसे हुए?
[epcl_box type=”success”]श्रीमद्भागवत महापुराण तृतीय अध्याय – श्रीमदभागवत कथा माहात्म्य [/epcl_box] नारद के द्वारा भक्ति के कष्ट की निवृत्ति- नारद जी ने कहा – हे! सनकादिक...
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पाप, पुण्य, कर्म, अकर्म और विकर्म क्या है?
इस लेख में हमने दो प्रश्नो के उत्तर लिखे है जो की श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान से लिए गए है। यहाँ आप जानेगे – पाप और पुण्य...
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धुंधकारी प्रेत कैसे बन गया और मुक्ति कैसे मिली?
पिछले पेज पर आपने पढ़ा की – आत्मदेव और धुंधली को गोकर्ण और धुंधकारी नाम के दो पुत्र हुए। गोकर्ण सत्कर्म की तरफ और धुंधकारी...
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