लेखक: Mahapuran
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गोवर्धन (अन्नकूट) पर्वत की परिक्रमा का माहात्म्य
स्रोत – संक्षिप्त श्रीवराहपुराण, अध्याय 164 165 पेज 292 – भगवान् वराह कहते हैं – देवि ! मथुरा के पास ही पश्चिम दिशा में दो योजन...
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संकल्प, विकल्प और निर्विकल्प किसे कहते है?
विकल्प – कल्पना कीजिए, आप अपने पसंदीदा OTT प्लेटफॉर्म पर एक फिल्म देखने का मन बनाते हैं। आप ऐप खोलते हैं और आपके सामने सैकड़ों,...
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तृष्णा किसे कहते है? योगवशिष्ठ
श्रीरामचन्द्रजी कहते हैं – मुनीश्वर ! चेतन जीवरूपी आकाश में हृदय के अज्ञानान्धकार से परिपूर्ण दुस्तर तृष्णारूपिणी रात्रि का सहारा पाकर नाना प्रकार के दोषरूपी...
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विनायक पूजा का क्या माहात्म्य है?
शतानीक ने कहा – मुने ! अब आप मुझे भगवान् गणेश की आराधना के विषय में बतलायें । सुमन्तु मुनि बोले – राजन् ! भगवान्...
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चतुर्थी-व्रत एवं गणेश जी की कथा तथा पूजन विधि
चतुर्थी-व्रत एवं गणेश जी की कथा तथा सामुद्रिक शास्त्र का संक्षिप्त परिचय सुमन्तु मुनि ने कहा — राजन् ! तृतीया-कल्प का वर्णन करने के अन्तर...
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एकादशी व्रत की विधि और महिमा – भद्रशील की कथा
Method and glory of Ekadashi fast श्रीसनक जी कहते हैं – नारदजी! अब मैं इस अन्य व्रत का, जो तीनों लोकों में विख्यात है, वर्णन...
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भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष में अजा एकादशी का माहात्म्य
इस प्रकार युधिष्ठिर श्रावण के शुक्लपक्ष पक्ष की श्रावण पुत्रदा एकादशी का माहात्म्य जानने के बाद, युधिष्ठिर ने पुछा – जनार्दन ! अब मैं यह...
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श्रीराम के मंत्रों का पुरश्चरण कैसे करते हैं?
सनकादि ऋषियों ने हनुमान जी से पूछा – आप श्रीराम मन्त्रों के पुरश्चरण का विधान बताइये। हनुमान् जी ने बताया – नित्य त्रिकाल स्नान करे।...
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श्रीकृष्ण भगवान ने स्वयं बताया जन्माष्टमी व्रत की कथा एवं विधि
राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें। भगवान् श्रीकृष्ण बोले – राजन्...
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श्रीकृष्ण ने बताया रक्षाबंधन का पौराणिक महत्त्व
भगवान् श्रीकृष्ण युधिष्ठिर से बोले – महाराज ! प्राचीन काल में देवासुर संग्राम में देवताओं द्वारा दानव पराजित हो गये। दुःखी होकर वे दैत्यराज बलि...
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