भक्ति और उनके पुत्र ज्ञान और वैराग्य कष्ट कैसे हुए?
[epcl_box type=”success”]श्रीमद्भागवत महापुराण तृतीय अध्याय – श्रीमदभागवत कथा माहात्म्य [/epcl_box] नारद के द्वारा भक्ति के कष्ट की निवृत्ति- नारद जी…
[epcl_box type=”success”]श्रीमद्भागवत महापुराण तृतीय अध्याय – श्रीमदभागवत कथा माहात्म्य [/epcl_box] नारद के द्वारा भक्ति के कष्ट की निवृत्ति- नारद जी…
इस लेख में हमने दो प्रश्नो के उत्तर लिखे है जो की श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान से लिए गए है। यहाँ आप…
पिछले पेज पर आपने पढ़ा की – आत्मदेव और धुंधली को गोकर्ण और धुंधकारी नाम के दो पुत्र हुए। गोकर्ण…
भगवान कृष्ण को छप्पन भोग क्यों लगाते हैं? 56 भोग की कहानी – 56 भोग – एक बार ब्रज के लोग…
वाल्मीकि रामायण – सुन्दरकांडम – एकोनत्रिंशः सर्ग (Sarga 29) शुभ शकुन संकेत– जिस समय दुखियारी , हर्ष शून्य, संतप्त और…
ध्यान दे, मैं स्वयं त्रिदेवों में कोई अंतर नहीं समझता, जो मेरे लिए शिव जी है, वही विष्णु भगवान्, और…
श्री सीतारामचंद्राभंयम नमः – एकोनसप्ततितम : सर्ग: भरत को दुःखी देख मित्रो द्वारा प्रसन्न करने का प्रयास, तथा उनके पूछने पर…
उद्दालक/ वाजश्रवस उपनिषद् युग के श्रेष्ठ तत्ववेत्ताओं में मूर्धन्य चिंतक थे। ये गौतम गोत्रीय अरुणि ऋषि के पुत्र थे और…
संसार में जन्म लेने वाले सभी मनुष्यों को त्रिविध तापों से गुजरना ही पड़ता है। ये किसी का भी पक्षपात…
यहाँ हम जानेगे की आखिर द्रोणाचार्य ने सिर्फ अर्जुन को ही महान धनुर्धर क्यों बनाया? इसके लिए हम शुरुआत करते…