श्रीकृष्ण भगवान ने स्वयं बताया जन्माष्टमी व्रत की कथा एवं विधि
राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें।…
राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें।…
भगवान् श्रीकृष्ण युधिष्ठिर से बोले – महाराज ! प्राचीन काल में देवासुर संग्राम में देवताओं द्वारा दानव पराजित हो गये।…
पक्षीराज गरुड़जी फिर प्रेम सहित बोले- हे कृपालु! यदि मुझ पर आपका प्रेम है, तो हे नाथ! मुझे अपना सेवक…
तुलसीदासजी कहते हैं – इस कलिकाल में योग, यज्ञ, जप, तप, व्रत और पूजन आदि कोई दूसरा साधन नहीं है।…
काकभुशुण्डि जी गरुड़ जी से कहते हैं कि – जो आपने मुझ से शुकदेवजी, सनकादि और शिवजी के मन को…
आषाढ़ मास की कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का माहात्म्य जानने के बाद युधिष्ठिर ने पूछा – भगवन् ! आषाढ़…
पक्षीराज गरुड़जी फिर प्रेम सहित बोले – हे कृपालु! यदि मुझ पर आपका प्रेम है, तो हे नाथ! मुझे अपना…
युधिष्ठिर ने कहा – जनार्दन ! अपरा एकादशी का सारा माहात्य मैंने सुन लिया, अब ज्येष्ठ के शुक्लपक्ष में जो…
परमात्मा अर्थात परम आत्मा को ही सत चित आनंद (Sat Chit Aanad in Hindi) कहा जाता है। परमात्मा ही सच्चिदानंद…
भक्ति का दुख दूर करने के लिए नारद जी का उद्योग ( Bhakti ka dukh dur karne ke liye narad…